या तो अब उड़ जा… या फिर उम्रभर घिसटता रह

“सपना अगर बड़ा है, तो नींद खुद टूट जानी चाहिए। अलार्म तो सिर्फ कमज़ोरों के लिए होता है!” कब तक सोएगा?कब तक हर रोज़ ‘कल से शुरू करूंगा’ बोलकर खुद को धोखा देता रहेगा? तू जिंदा है — तो फिर तेरी आँखों में आग क्यों नहीं है?तू जवान है — तो फिर तेरे कदम थमे … Continue reading या तो अब उड़ जा… या फिर उम्रभर घिसटता रह